कानपुर। एलपीएस हृदय रोग संस्थान, कानपुर नगर में प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार को नया विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लंबे समय से संस्थान में सेवाएँ दे रहे डॉ. कुमार मरीजों की निष्ठापूर्ण सेवा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उनके विभागध्यक्ष बनाए जाने पर हदय रोग संस्थान के निदेशक डॉ राकेश वर्मा ने उन्हें बधाई दी।
आपको बता दे कि कोरोना काल के दौरान उन्होंने “रामकिट” नामक विशेष दवा पैकेज तैयार किया था, जिसने कई मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, संस्थान के वार्ड में आग लगने की घटना के समय जब कोई अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था, तब डॉ. कुमार ने अपनी जान जोखिम में डालकर खिड़कियों के सहारे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस साहसिक कार्य के लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। डॉ. नीरज कुमार ने अपनी मेडिकल शिक्षा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर से प्राप्त की और वहीं से अपने करियर की शुरुआत की थी। मरीजों के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण ने उन्हें विभागाध्यक्ष पद तक पहुँचाया है। उन्होंने बताया कि अब हदय रोग से सम्बंधित गंभीर मरीजो की सर्जरी नए विधि से की जायेगी।
कार्डिक क्लीनिकल एकेडमिक के माध्यम से होंगे शोध
नवनियुक्त विभागध्यक्ष डॉ नीरज कुमार ने बताया कि कार्डिक क्लीनिकल एकेडमिक या हृदय क्लीनिकल शैक्षणिक से तात्पर्य एक ऐसे क्षेत्र से है जहाँ हृदय रोग के क्लीनिकल पहलुओं पर शोध और शिक्षा को बढ़ावा दिया जाता है। इसमें क्लीनिकल प्रशिक्षण, शोध और सेवा शामिल है, जिससे चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को हृदय रोगों को समझने और उनका इलाज करने के लिए उन्नत ज्ञान और कौशल प्राप्त करने में मदद मिलती है। यह चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का एक संयोजन है, जो हृदय संबंधी बीमारियों का निदान, उपचार और प्रबंधन करने के लिए उन्नत ज्ञान प्रदान करता है।




