उन्नाव।बांग्लादेश की सीमा पार कर भारत में घुसा बंग्लादेशी घुसपैठिया बीते दिवस लखनऊ एयरपोर्ट पर बोलचाल के दौरान शक होने पर एयरपोर्ट कर्मियों ने सुरक्षा कर्मियों को बताया सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ की तो पकड़े गये युवक ने खुद को बंग्लादेशी बताया।गिरफ्तार किया गये विदेशी युवक से भारत का आधार कार्ड, पासपोर्ट बरामद हुआ।
चौधरी चरण सिंह लखनऊ एयरपोर्ट पर 6 सितंबर को पकड़ा गया बंगला देश का रहने वाले विदेशी युवक ने लखनऊ के सरोजनी नगर पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसका नाम मोहम्मद नसीम है वह बांग्लादेश के चिटगांव डिवीजन के बांदोरबन जिले के नैखॉन्गछड़ी गांव का मूल निवासी है। फर्जी पासपोर्ट के सहारे मलेशिया के लिए भाग रहे मो. नसीम को एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट के अधिकारियों को शक होने पर फर्जी पासपोर्ट 9857356 की जांच में पुलिस हिरासत में पूछताछ में बताया कि वर्ष 2015 में त्रिपुरा बॉर्डर से अवैध तरीके बंगला देश की सीमा पर कर भारत में घुसा और उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के सफीपुर कोतवाली अंतर्गत गढ़ी इलाके में किराये पर कमरा लेकर एक स्लॉटर हाउस में काम किया। वर्ष 2017 मे यूपी में स्लॉटर हाउस बंद किए गये तो नसीम ड्राईवरी, मजदूरी करने लगा। इस दौरान उसने फर्जी तरीके से 2016-17 आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिया इसके लिए अवैध तरीके से कार्य करने वालो की मदद से तहसील से फर्जी निवास प्रमाणपत्र उसके बाद आधार कार्ड के सहारे
भारतीय पासपोर्ट भी बनवा कर भारतीय नागरिक बन गया।
नसीम पिछले महीने ही बांग्लादेश से लौटा था। 6 सितम्बर को मलेशिया जाने के लिए लखनऊ एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान उसके कागजों में पाई गई गड़बड़ी की जांच में पकड़ा गया। नसीम के पास बरामद मोबाईल की सुरक्षा एजेंसियो ने जांच के दौरान बांग्लादेशी फेसबुक ग्रुपों पर लोगों से मित्रता,बंगाली चैट्स,बांग्लादेशी गाने और वीडियो से भरा यूट्यूब हिस्ट्री,दर्जनों बांग्लादेशी नाम पते नम्बर पाये गये।नसीम ने पूछताछ में बताया कि माना कि वह बांग्लादेश के चिटगांव डिवीजन के बांदोरबन जिले के नैखॉन्गछड़ी गांव का रहने वाला है। सुरक्षा एजेंसियो को आशंका है कि नसीम अकेला नहीं बल्कि पूरा घुसपैठिया नेटवर्क त्रिपुरा बॉर्डर के जरिए भारत में दाखिल हुआ है। इससे पूर्व भी कानपुर में ई रिक्शा चला रहे एक विदेशी को कानपुर पुलिस ने बोलचाल के दौरान शंका होने पर गिरफ्तार किया था। जांच के बाद पता चला कि पकड़ा गया विदेशी वर्षो से परिवार सहित उन्नाव जनपद के गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र में सड़क किनारे झोपड़ी डालकर रह रहा था। जिसने एक पूर्व सभासद के पत्र पर निवास सहित अन्य कागजात फर्जी तरीके से बनवा रखे थे। पुलिस ने पूर्व सभासद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच एजेंसिया नसीम के फर्जी दस्तावेज कैसे बने,तहसील से निवास प्रमाणपत्र किसने दिया,पासपोर्ट वेरिफिकेशन में कैसे बचा।उन्नाव जिले में र्रहकर क्या कोई नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था।
पुलिस, ATS, FRRO और खुफिया एजेंसियां अब उसकी हर गतिविधि और संपर्कों की छानबीन कर रही हैं। उन्नाव जनपद से लेकर त्रिपुरा बॉर्डर तक एक बड़े घुसपैठ रैकेट की जांच तेज हो गई है।
पूर्व में उन्नाव के दही थाना क्षेत्र में स्थित निर्माणाधीन फैक्ट्री से लखनऊ में पकड़े गये हूजी आतंकी के निशान देसी पर विस्फोटक सामाग्री बरामद की गई थी। औधोगिक क्षेत्र में स्थित स्लाटर हाउसों में गैर प्रांत, विदेशी नेपाली बडी संख्या में युवक युवती कार्य कर रहे हैं। पुलिस के निर्देशो के बाद भी अवैध तरीके से फर्जी आधार बनाकर सलाटरो में कार्य करने वाले मजदूर समय समय पर अपराधिक मामलों में गिरफ्तार किए गये है।




