अमौली,फतेहपुर।सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रदेश स्तर से लेकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में बेहतर ईलाज के लिए सीएचसी और पीएचसी के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाए पंहुचा कर हर सम्भव मदद करने की मुहीम भले ही चला रही हो।लेकिन धरातल में इन स्वास्थ्य केन्द्रों में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारी मनमानी ड्यूटी,तीमारदारों को दवाए कमीशनबाजी में बाहर से लिख,ईलाज के नाम पर खाना पूर्ति,ब्लड जाँच,एक्सरे,बलगम,पेसाब, टीवी के ईलाज के नाम पर तीमारदारों से वसूली कर स्वास्थ्य सेवाओं में तैनाती में ड्यूटी के नाम पर औपचारिकता बरत रहे है।ऐसा ही एक मामला अमौली सीएचसी का सामने आया है।जहाँ स्वास्थ्य कर्मियों के ऊपर तीमारदारों का आरोप है की डॉक्टर समय से न बैठकर अपनी मर्जी से आते जाते है।ईलाज हेतु बुजुर्ग को चश्मे टेस्ट व टीबी ईलाज के नाम पर लंबी रकम की मांग की जाती है।ब्लड टेस्ट,एक्सरे,बलगम इत्यादि जैसी जांचो के नाम पर पैसा चुकाना पड़ता है।डॉक्टर अपनी मनमाफिक दवाएं बाहर के लिए लिखकर लेने का दबाव बनाते है।तीमारदारों के आरोप गंभीर है उनका कहना है की सरकार गरीब लाचारो के लिए सरकारी अस्पताल तो खोले है लेकिन तीमारदारों को इसका जमीनी लाभ नही मिल पा रहा है।निजी अस्पतालों का सहारा लेने को ग्रामीण मजबूर हो रहे है।
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