बाबा विहारेश्वर शिव मंदिर में उमड़ी श्रृद्धालुओं की भारी भीड़

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संवाददाता,घाटमपुर।राष्ट्रीय राज्यमार्ग कानपुर सागर हाइवे सजेती थानांतर्गत ग्राम अज्योरी में स्थित विशाल प्राचीन विहारेश्वर शिव मंदिर में सावन के प्रथम सोमवार को भोर चार बजे शिव भक्तों ने हर- हर बम- बम की गूंज के साथ शिव लिंग में अनेकों विधियों के जल दूध से अभिषेक कर,भांग धतूरा, पुष्प, जौ,तिल,अक्षत, बिल्वपत्र समीपत्र आदि शिवलिंग में अर्पित कर अपनी पूजा की,सावन मास के प्रथम सोमवार के चलते भारी भीड़ रही भीड़ में भक्तों के दर्शन सुलभता के लिए मंदिर के सेवादारों डा.रणवीर सचान,सुशील सचान मनोज परमार,सुरेश परमार शशि प्रजापति,बड़के सचान झब्बू प्रधान शिवबरदानी,अनूप शर्मा, राम दत्त, अनिल तिवारी, यश यादव अनिल बाजपेई आदि ने मंदिर में विराजे शिवलिंग के भक्तों को सुलभता से दर्शन करवाए साथ ही शिवलिंग के पास अगरबत्ती, धूप बत्ती,दीप आदि जलाना वर्जित किया गया जिससे भक्तों को शिवलिंग परिसर में धुआं से उमस न हो साथ ही जलते दीप से भक्तों के कपड़े न जलें! सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर में सजेती पुलिस मंदिर परिसर में लगी दुकानों में लगी भीड़ को घूम-घूम कर किसी भी अराजकता का जायजा लेती रही भारी भीड़ के चलते मंदिर गेट से महिला पुरुष भक्तों की दो अलग अलग कतार से सीमित 5- 5 भक्त शिव लिंग दर्शन पूजन के लिए भेजे गए जिससे शिवलिंग परिसर में भीड़ नहीं एकत्र हो पाई सभी शिव भक्तों ने आराम से श्रृद्धा पूर्वक दर्शन किए! विहारेश्वर शिव मंदिर का निर्माण मुगलकालीन सम्राट अकबर के नौ रत्नों में से एक सर्वश्रेष्ठ हिंदू मंत्री बीरबल ने निर्माण करवाया था मंदिर का निर्माण प्राचीन ककई ईंटों का होने से प्रतीत होता है कि मंदिर का निर्माण मुगलकाल में हुआ था मंदिर की सीढ़ी के पास दाहिने लगी शिला की एक अद्भुद कला है,जो कि घटती बढ़ती है,जितनी भी बार माप की जाय हर बार माप कम या फिर ज्यादा मिलेगी, बताया जाता है कि मराठों से युद्ध में मिले संकट के समय छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी यहां शरण ली थी, प्राचीन विहारेश्वर शिव मंदिर की ख्याति दूर दूर तक है। मंदिर में प्रतिदिन शिवलिंग का भव्य श्रृंगार के साथ सुबह 5 बजे शाम 7बजे आरती के बाद संत प्रवचन के बाद प्रसाद वितरण किया जाता है, जिसमें मंदिर महंत के साथ मंदिर के सेवादार उपस्थित रहते हैं।

मंदिर के महंत श्री शिव स्वरूपा नंद जी ने बताया कि सच्चे मन से जो भी भक्त मंदिर के शिवलिंग की पूजा करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं मंदिर में आस पास क्षेत्रीय भक्तों के साथ गैर जनपद ही नहीं अपितु अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु सावन मास में शिवलिंग दर्शन के लिए इस प्राचीन विहारेश्वर मंदिर में आते हैं।

महंत,श्री स्वरूपा नंद जी महाराज।

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