ताजियों का जुलूस नगर के मुख्य मार्गो से निकाल कर मातमी धुन के साथ करबला में सुपुर्दे खाक किया गया

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उन्नाव।पैगम्बर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके योद्धाओं की शहादत की याद में मनाए जाने वाले मुहर्रम को फतेहपुर चौरासी में ताजियों के साथ छुरीयो और कमा का मातम किया गया। बच्चो और नौजवानों ने छप्पन छूरी चला कर मातम किया।

नगर के ताजियेदारों में छंगा, उस्मान,अब्दुल हसन, नफीस, नौशाद, अच्छन जागा,इकलाख, फारूक हसन, कमरुल हसन, अनवार आदि के साथ अंजुमन समसुद्दीन व साजेब अली, शेर खान की टीमों ने मर्सिया पड़े। कुछ लोगो द्वारा छुरीयो को पीठ पर मार कर मातम कर जुलूस निकाला गया। जिसके बाद मातम के साथ ताजियों को कर्बला में सुपुर्दे खाक किया गया। ताजियों का जुलूस फिरोज नगर, आजाद नगर, किदवई नगर, मुख्य बाजार होते हुए मोती नगर और सुभाष नगर पश्चिमी, मुख्य बाजार से होते हुए काली मिट्टी दबौली मार्ग से सहित कई जगहों से होते हुए कर्बला तक पहुंचा। जिनके साथ अखाड़े शामिल रहे। अखाड़ेबाज युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। ताजियों का जुलूस नगर के मुख्य मार्गो से निकाल कर मातमी धुन के साथ करबला में सुपुर्दे खाक किया गया। पुलिस की ओर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। साथ ही नगर में जगह-जगह रोशनी एवं लंगर की व्यवस्था भी की गई। ताजियों को देखने के लिए नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से विभिन्न समुदाय के लोगों की भीड़ उमड़ी।क्षेत्र में सैकड़ो ताजियों को मातमी धुन के साथ कर्बला में सुपुर्दे खाक किया गया।ताजिये या हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम के साथ कर्बला में दफन हुए। इसी तरह फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के ऊगू कस्बा में हजरत इमाम हुसैन (रजी) की शहादत की याद दिलाने वाले मोहर्रम पर गमगीन माहौल में ताजिए दफन किए गए।इस मौके पर लोगों ने शर्बत पर फातिहा की ओर कुरान मजीद पढ़कर ईसाले सवाब भी किया। वही क्षेत्रों में ताजिए रखकर अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन के नाम पर मजिलसो का आयोजन किया।जब कर्बला की तरफ जुलुस रवाना हुआ तो पूरा गांव या हुसैन की सहादतो से गूंज गया। कस्बा ऊगू में मोहर्रम के मौके पर पूरा माहौल गमगीन दिखाई दिया। नौ मोहर्रम की ही ताजिए चौक पर रख दिए गए थे। हजरत इमाम हुसैन की याद में मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। कस्बा ऊगू में मुहर्रम का जुलूस बड़ी अकीदत व एहतराम के साथ निकाला गया। जुलूस अपने रास्तों से होता हुआ देर शाम को कर्बला पहुंचा। जहां लोगों ने नम आंखों से ताजियो को दफन किया।
गौरतलब है कि कर्बला की जंग और हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है। इसी दिन हजरत इमाम हुसैन ने अपनी जान कुर्बान की थी। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग इमाम हुसैन की याद में ताजिए निकालते हैं।


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